14 नवंबर झज्जर, हरियाणा।
‘पंख दिए हैं तो उड़ना सीखें ये बच्चे, रोशन दुनिया में अपना नाम करेंगे’ इसी संदेश के साथ बुधवार को बाल दिवस के अवसर पर जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा संवाद भवन में भव्य समारोह का आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ द्वारा निर्धारित वार्षिक गतिविधियों के तहत जिला स्तर पर मनाया गया। उपायुक्त व जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष स्वप्निल रविंद्र पाटिल के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। उनकी धर्मपत्नी स्वप्निल मोहिनी पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में रही व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

उपायुक्त ने एनटीपीसी झाड़ली द्वारा सवेरा स्कूल के दिव्यांग बच्चों के लिए समर्पित की गई दो स्कूल बसों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि यह पहल दिव्यांग बच्चों के अधिकारियों को सशक्त बनाने की दिशा में सरहानीय पहल है। इसके उपरांत विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 387 बच्चों को सम्मानित व पुरस्कृत किया गया।
समारोह में बाल कल्याण मंडल के सदस्यों को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बाल दिवस बच्चों की प्रतिभा, शिक्षा और अधिकारों को मजबूत करने का संकल्प दिवस है। उन्होंने कहा कि बच्चों में छिपी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें अवसर प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में बाल कल्याण परिषद द्वारा जरूरतमंद बच्चों के लिए स्कूल किटें भी वितरित की गईं। साथ ही संस्कारम समूह की तरफ से महिपाल यादव ने जिला बाल कल्याण परिषद को दो लाख पचास हजार रुपये की सहायता राशि चेक के माध्यम से प्रदान की गई व बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सामाजिक सहयोग का संदेश दिया।
इस अवसर पर एनटीपीसी झांझर से दिलीप कैबरेटोर (सीईओ, एपीसीपीएल), मोहम्मद निजामुद्दीन (जीएम), सुशांत शेखरझा (मैरिनो) गिरीश चौधरी (जेके लक्ष्मी सीमेंट) और लता (एजीएम) उपस्थित रहे। नरेंद्र मलिक ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी शिक्षकों, स्कूलों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। अंत में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश सहित सभी उपस्थित अधिकारियों ने बच्चों को शुभकामनाएं दीं और बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया।